मेडिकल कालेज में नवप्रवेशित छात्रों का कैडवर शपथ समारोह का आयोजन




जौनपुर: उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर के प्रधानाचार्य प्रो0 आर0बी0 कमल के दिशा निर्देश में एनाटाॅमी विभाग की विभागाध्यक्ष, प्रो0 भारती यादव ने दिनांक 17 अक्टूबर, 2026 को एम0बी0बी0एस0 बैच 2026 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों को कैडवर शपथ दिलाई। 
एनाटाॅमी विभाग की वरिष्ठ आचार्य  व चीफ प्राॅक्टर प्रो0 रूचिरा सेठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि* कैडवर शपथ चिकित्सा शिक्षा का अत्यंत पवित्र एवं भावनात्मक क्षण होता है। यह न केवल विद्यार्थियों को चिकित्सा विज्ञान की आधारशिला-मानव शरीर रचना के अध्ययन की ओर अग्रसर करता है, बल्कि उन्हें मानवता, करूणा और नैतिकता के मूल्यों से भी जोड़ता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक जीवित गुरू हमें ज्ञान का मार्ग दिखाता है, उसी प्रकार कैडावर-अर्थात् शरीर दान करने वाला व्यक्ति- चिकित्सा विद्याार्थियों का ‘‘प्रथम गुरू’’ होता है। हमें उनके प्रति सम्मान, संवेदना और कृतज्ञता का भाव सदैव बनाए रखना चाहिए। उन्होंने सभी विद्याार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकानाएं देते हुए कहा कि ‘‘यह शपथ केवल अध्ययन की शुरूआत नहीं, बल्कि एक आजीवन दायित्व की याद दिलाती है-मानवता की सेवा।’’
एनाटाॅमी विभाग की  विभागाध्यक्ष, प्रो0 भारती यादव ने कहा कि* कैडवर शपथ चिकित्सा शिक्षा का सबसे पवित्र परंपराओं में से एक है। यह न केवल विद्याार्थियों को चिकित्सा विज्ञान की प्रारंभिक जानकारी देती है, बल्कि उन्हें अनुशासन, संवेदना और मानवता का भी पाठ पढ़ाती है। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों ने शरीर दान किया है वे वास्तव में चिकित्सा शिक्षा के सच्चे प्रेरणाश्रोत हैं। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे इन कैडावर्स के प्रति गहरी श्रद्धा और कृतज्ञता का भाव रखें तथा अध्ययन के प्रत्येक चरण में अनुशासन और मर्यादा का पालन करें। विभागाध्यक्ष ने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने व्यावसायिक जीवन में न केवल एक कुशल चिकित्सक बनें बल्कि एक संवेदनशील और नैतिक डाॅक्टर के रूप में समाज की सेवा करें।
एनाटामी विभाग की सहायक आचार्य डा0 अर्चना चौधरी एवं डा0 प्रियंका सिंह ने संयुक्त रूप से संबोधन में कहा* कि कैडवर प्रत्येक चिकित्सा विद्यार्थी के लिए ‘‘मौन गुरू’’ के समान है, जो उन्हें मानव शरीर की गहराइयों को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि शरीर दान करने वाले व्यक्ति का यह महान योगदान मानवता की सर्वोच्च मिसाल है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अध्ययन के दौरान इन कैडावर्स के प्रति सम्मान, संवेदना और कृतज्ञता का भाव बनाए रखें।
इस अवसर पर डा0 मतीन अहमद खान, डा0 सैयद मो0 उस्मान खान, डा0 दिग्वेश यादव, डा0 रिफत जहा, डा0 सकीना बानो एवं कर्मचारी जनमेजय, सतीश , मदन, रामअचल, बृजेश ,रामसिंह , सुलभ , साधना , मनीषा एवं नवप्रवेशित छात्र/छात्राएं उपस्थित रहें।

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