जौनपुर -आरटीसी रिजर्व पुलिस लाइन, जनपद जौनपुर के परेड ग्राउण्ड में 'रिक्रूट आरक्षी दीक्षांत परेड समारोह 2025-26' का अत्यंत गरिमामय और भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस गौरवशाली अवसर पर कुल 24 टोली के 687 रिक्रूट आरक्षियों ने अपने नौ माह के कठिन प्रशिक्षण के उपरांत शानदार परेड का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी, श्री वैभव कृष्ण रहे।
समारोह का मुख्य विवरण:-
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 08:25 बजे परेड कमांडर तृतीय द्वारा परेड को परेड स्थल पर लाने के साथ हुआ। तत्पश्चात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर, श्री कुंवर अनुपम सिंह के आगमन पर उनका विधिवत अभिवादन किया गया। मुख्य अतिथि पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी, श्री वैभव कृष्ण के आगमन के उपरांत उन्होंने परेड की सुसज्जित टोलियों का निरीक्षण किया और उनके द्वारा दी गई सलामी स्वीकार की गयी।
मा0 मुख्यमंत्री जी का संबोधन एवं सजीव प्रसारण:-
समारोह के दौरान माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, श्री योगी आदित्यनाथ जी के संबोधन का सजीव प्रसारण (Live Broadcast) किया गया। रिक्रूट आरक्षियों ने मुख्यमंत्री जी के संदेश को ध्यानपूर्वक सुना, जिसमें उन्होंने पुलिस बल को आधुनिक, संवेदनशील और अपराध के प्रति सख्त होने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी महोदय का संबोधन-
09 माह के कठोर प्रशिक्षण के उपरांत 687 आरक्षियों ने प्रशिक्षण पूर्ण कर सेवा हेतु कदम बढ़ाया, सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।
नवआरक्षियों को उत्तर प्रदेश पुलिस के 160 वर्षों के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराते हुए बताया गया कि यह विश्व की सबसे बड़ी सिंगल सिविल पुलिस फोर्स है।
60,000+ पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया में चयन को प्रतिभा, ईमानदारी एवं योग्यता का प्रमाण बताया गया, मा0 मुख्यमंत्री जी के "जीरो टॉलरेंस" संकल्प ने यह सुनिश्चित किया कि भ्रष्टाचार और नकल माफियाओं के लिए इस व्यवस्था में कोई जगह न रहे। तथा यह सुनिश्चित किया कि इस परीक्षा में केवल मेधावी ईमानदार और योग्य युवा ही चुने जाएं l
प्रशिक्षण को केवल शारीरिक व तकनीकी दक्षता तक सीमित न बताते हुए, इसे जिम्मेदार, सजग एवं संवेदनशील पुलिसकर्मी बनने की प्रक्रिया बताया गया।
इनडोर प्रशिक्षण में कानून, मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण प्रक्रिया का ज्ञान, तथा आउटडोर प्रशिक्षण में अनुशासन, साहस, धैर्य एवं टीम भावना का विकास हुआ।
वर्दी को विश्वास, सुरक्षा एवं न्याय का प्रतीक बताते हुए हर परिस्थिति में निष्पक्षता, ईमानदारी एवं संवेदनशीलता बनाए रखने पर बल दिया गया।
आधुनिक चुनौतियों जैसे साइबर अपराध एवं सोशल मीडिया से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने तथा तकनीकी दक्षता बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई।
डिजिटल साक्ष्यों की समझ एवं तकनीक के प्रभावी उपयोग से न्याय दिलाने के लिए सदैव तैयार रहने का आह्वान किया गया।
जब कोई पीड़ित थाने आता है, तो वह बहुत सारी उम्मीदें लेकर आता है। याद रखिएगा, समाज के सबसे गरीब और वंचित व्यक्ति के लिए आप ही सरकार का सबसे प्रत्यक्ष एवं प्रथम चेहरा हैं। आपकी मधुर वाणी और त्वरित कार्रवाई किसी के टूटे हुए विश्वास को फिर से जोड़ सकती है। 'मृदुभाषी लेकिन कर्तव्य के प्रति कठोर'—यही एक आदर्श पुलिसकर्मी की पहचान है।"
पुलिस वर्दी केवल एक पोशाक नहीं है बल्कि यह विश्वास, सुरक्षा और न्याय का प्रतीक है। जब आप यह वर्दी पहनते हैं, तो समाज की अपेक्षाएं आपसे जुड़ जाती हैं। आपको हर परिस्थिति में निष्पक्ष, ईमानदार और संवेदनशील रहना होगा। यह याद रखें कि एक अच्छा पुलिसकर्मी वही है जो कानून का पालन करते हुए जनता के दिलों में विश्वास पैदा करता है।
प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों के योगदान की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया।
अभिभावकों एवं परिजनों के त्याग व सहयोग को सम्मान देते हुए उन्हें नमन किया गया।
अनुशासन को पुलिस बल की आत्मा बताते हुए प्रत्येक कार्य में उच्च स्तर की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया गया।
"सेवा, सुरक्षा और सुशासन" को जीवन का मूल मंत्र अपनाने की प्रेरणा दी गई।
सभी आरक्षियों से कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं साहस के साथ करने की अपेक्षा व्यक्त की गई।
अंत में सभी नवआरक्षियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें समाज एवं राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षण विवरण एवं उत्कृष्ट सम्मान:-
अपर पुलिस अधीक्षक नगर श्री आयुष श्रीवास्तव द्वारा रिक्रूट आरक्षियों के कठिन प्रशिक्षण का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि महोदय ने अपने संबोधन में नवनियुक्त आरक्षियों को अनुशासन और कर्तव्यपरायणता का पाठ पढ़ाया। इस अवसर पर प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूटों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
1-अन्तः कक्ष परीक्षा के सभी समूहों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रशिक्षु- अमित कुमार
2-बाह्य कक्ष परीक्षा के सभी समूहों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रशिक्षु- अनिकेत
3-सर्वांग सर्वोत्तम प्रशिक्षु- अमित कुमार
*परेड कमांडर के रूप में:-*
•प्रथम परेड कमांडर: रिक्रूट आरक्षी आयुष कुमार शुक्ला
•द्वितीय परेड कमांडर: रिक्रूट आरक्षी आर्यन पुनिया
•तृतीय परेड कमांडर: रिक्रूट आरक्षी अमित कुमार
पद एवं गोपनीयता की शपथ:-
समारोह के अंतिम चरण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर महोदय द्वारा सभी रिक्रूट आरक्षियों को देश की सेवा, संविधान के प्रति निष्ठा और जनसुरक्षा की पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण के उपरांत टोलियों ने गौरवपूर्ण तरीके से प्रस्थान किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर, श्री कुंवर अनुपम सिंह ने मुख्य अतिथि महोदय को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय तथ्य-
पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण, लखनऊ द्वारा 21 जुलाई 2025 को प्रदेश के 112 प्रशिक्षण केंद्रों में करीब 60,000 प्रशिक्षुओं का आधारभूत प्रशिक्षण शुरू कराया गया था।
इसी क्रम में जनपद जौनपुर में कुल 687 रिक्रूट आरक्षियों ने प्रशिक्षण निदेशालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आंतरिक एवं बाह्य विषयों का प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक दक्षता, कानून की जानकारी, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की क्षमता, हथियार संचालन, ड्रिल और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत जनपद जौनपुर से 687 रिक्रूट आरक्षी तथा अन्य प्रशिक्षण संस्थानों से प्राप्त लगभग 302 महिला एवं 472 पुरुष रिक्रूट आरक्षी सहित कुल 1461 रिक्रूट आरक्षियों को आज ही व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु जनपद के विभिन्न थानों पर नियुक्त किया जाएगा।
इस अवसर पर श्री गोल्डी गुप्ता सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर, सुश्री श्रृष्टि जैन सहायक पुलिस अधीक्षक, श्री देवेश सिंह क्षेत्राधिकारी सदर, श्री परमान्द कुशवाहा क्षेत्राधिकारी मड़ियाहूं, श्री सुनील चन्द्र तिवारी क्षेत्राधिकारी बदलापुर, श्री विवेक कुमार क्षेत्राधिकारी यातायात, श्री दीनदयाल दीक्षित प्रतिसार निरीक्षक व प्रशिक्षुओं के अभिभावक सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहे।
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