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जौनपुर- शिया कॉलेज के मैदान में ईरान के सुप्रीम लीडर शहीद अयातुल्लाह सैय्यद अली ख़ामेनेई साहब के प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही का ज़ोरदार स्वागत किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने जौनपुर की तहज़ीब, शिक्षा, गंगा-जमुनी संस्कृति और हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की खुलकर सराहना करते हुए जनपद को ऐतिहासिक शानो-शौकत वाला शहर है
उन्होंने कहा कि “ईरान और हिंदुस्तान का रिश्ता सिर्फ सियासी नहीं बल्कि मोहब्बत, संस्कृति और इंसानियत का रिश्ता है। भारत की अवाम हर दौर में हमारे साथ खड़ी रही है और ईरान भी हमेशा भारत के साथ अपने रिश्तों को मज़बूत करने की कोशिश करता रहेगा।”
उक्त अवसर पर शहर के तमाम मोमिनीन, हर मस्लक के लोग, हिंदू-सुन्नी-शिया समाज के ओहदेदार, अधिवक्ता, शिक्षक, नेतागण, समाजसेवी और पत्रकार बंधु मौजूद रहे।
कार्यक्रम में महिला, बुज़ुर्ग, बच्चे और नौजवानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोगों के हाथों में आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई के पोस्टर दिखाई दिए, जबकि शहर की तमाम अंजुमनों द्वारा सबील और लोगों के खाने-पीने का विशेष इंतज़ाम किया गया।
सबसे दिलचस्प नज़ारा उस वक्त देखने को मिला जब पूरे कार्यक्रम में हिन्दू-मुस्लिम एकता और भाईचारे के नारे गूंज उठे, जिसने मोहब्बत और इंसानियत का मजबूत पैगाम दिया।
रिपोर्ट-अज़मत अली
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