जौनपुर -जनपद में हाजी मोहम्मद अली ख़ा इमामबड़ा बलुआघाट व वाज़िबा बीबी इमामबाड़ा सिपाह और शहर के विभिन्न इमाबरगाह, ईदगाह में इस बार ईद का त्योहार शिया समुदाय द्वारा नमाज़ पढ़ने के साथ गम और अकीदत के साथ मनाया गया। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनाई की शहादत की खबर के बाद समुदाय के लोगों में शोक का माहौल देखा गया। इसी क्रम में लोगों ने काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज़ अदा की और एकजुटता का संदेश दिया।
शहर के विभिन्न इमामबाड़ों और ईदगाहों में नमाज़ के दौरान लोगों की बड़ी संख्या मौजूद रही। नमाज़ अदा करते समय लोगों ने अपने बाजुओं पर काली पट्टी बांध रखी थी, जो गम और विरोध का प्रतीक रही। नमाज़ के बाद मरहूम के लिए खास दुआएं की गईं और दुनिया में अमन-शांति की कामना की गई।
हाजी मोहम्मद अली ख़ा इमाबरगाह बलूआघाट में ईद की नमाज़ सुबह 9 बजे मौलाना फज़ले मुमताज़ खान ने खुत्बे के साथ अदा कराई
उलेमा-ए-कराम ने अपने खुत्बों में कहा कि ईद खुशी का पर्व जरूर है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इसे सादगी और संजीदगी के साथ मनाना ही बेहतर है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आपसी भाईचारे और सौहार्द को बनाए रखें तथा किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहें।
वहीं, त्योहार के मद्देनजर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई, जिससे नमाज़ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकी।
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