ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह के 3 सदस्य हुए गिरफ्तार



जौनपुर- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह के आदेश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर,आयुष श्रीवास्तव (नोडल अधिकारी, साइबर क्राइम थाना) के कुशल निर्देशन एवं  सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर, गोल्डी गुप्ता के कुशल पर्यवेक्षण में साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान Cy-vajra के तहत साइबर क्राइम थाना/सेल, जनपद जौनपुर की पुलिस टीम द्वारा एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए थाना साइबर क्राइम पर पंजीकृत मु0अ0सं0 36/2026, धारा 318(4), 319(2), 338, 317(4), 61(2) बी.एन.एस. एवं 66D आई.टी. एक्ट से संबंधित अभियोग में संगठित साइबर ठगी गिरोह के 03 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
        विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि गिरोह के सदस्य पुलिस की सक्रियता के कारण जनपद छोड़कर भागने की फिराक में हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस टीम द्वारा सिटी रेलवे स्टेशन के ओवरब्रिज के नीचे घेराबंदी की गई, जहाँ से दिनांक 16.07.2026 को प्रातः लगभग 06:10 बजे तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त-
1.गुलशन सोनी पुत्र स्व. दिनेश सोनी, निवासी राजेपुर कजगाँव, थाना जफराबाद, जनपद जौनपुर।
2.सूरज उपाध्याय पुत्र उमेश चन्द्र उपाध्याय, निवासी हुसैनाबाद न्यू कॉलोनी, थाना लाइन बाजार, जनपद जौनपुर।
3.अमन सिंह पुत्र स्व. आनन्द सिंह, निवासी उमरपुर हरिबंधनपुर, थाना कोतवाली, जनपद जौनपुर।

बरामदगी-
₹92,000/- नकद (साइबर ठगी से अर्जित धनराशि).
10 फर्जी आधार कार्ड (अलग-अलग नाम एवं पतों पर तैयार).
02 एंड्रॉयड मोबाइल फोन.

पूछताछ में प्राप्त महत्वपूर्ण तथ्य-
गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे दीपेश उर्फ दीपु पुत्र राजकुमार विश्वकर्मा, निवासी छत्तीसा खुर्द, थाना नेवढ़िया, जनपद जौनपुर द्वारा संचालित संगठित साइबर अपराध गिरोह के सदस्य हैं। गिरोह का सरगना विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन साइबर ठगी कर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों में मंगवाता था। अभियुक्तगण अपने परिचितों/दोस्तों को मिलाकर उनके खातों का उपयोग करते थे तथा एटीएम के माध्यम से धनराशि निकालकर लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा गिरोह के सरगना दीपेश को तथा शेष 20 प्रतिशत स्वयं व दोस्तों में बाट लेते थे। पूछताछ के दौरान यह भी ज्ञात हुआ कि अभियुक्तगण अपनी वास्तविक पहचान छिपाने तथा विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाने के उद्देश्य से फर्जी आधार कार्ड तैयार कराकर उनका उपयोग करते थे। पुलिस की बढ़ती कार्यवाही की जानकारी मिलने पर गिरोह का सरगना दीपेश फरार हो गया जबकि      
    गिरफ्तार अभियुक्तगण भी भागने की तैयारी में थे, जिन्हें समय रहते गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम भी प्रकाश में आए हैं। उनकी गिरफ्तारी एवं गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त करने हेतु पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से बरामद नकदी, फर्जी आधार कार्ड एवं मोबाइल फोन को विधिक प्रक्रिया के अनुसार कब्जे पुलिस में लेकर सील किया गया तथा अभियुक्तों को माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं मानवाधिकार आयोग द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए गिरफ्तार कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गई।
    जनपद की साइबर क्राइम पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर, ओटीपी अथवा पहचान पत्र का उपयोग किसी अन्य के लिए न करें। ऐसा करना साइबर अपराध में सहभागिता माना जा सकता है और इसके लिए कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

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